एथेंस इंटरनेशनल फिल्म एंड वीडियो फेस्टिवल के लिये चयनित हुई पुर्नजन्म

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पटना। जाने माने लेखक- निर्देशक अमर ज्‍योति झा की शॉर्ट फिल्‍म ‘पुनर्जन्‍म’ (रिबर्थ) एथेंस इंटरनेशनल फिल्म एंड वीडियो फेस्टिवल के लिये चयनित की गयी है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में 2,200 फिल्मों में से 41 देशों की 235 फिल्मों को ही विभिन्न कैटोगरी में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। एथेंस इंटरनेशनल फिल्म एंड वीडियो फेस्टिवल का आयोजन सिनेमाजगत के सबसे बडे़ पुरस्कार, ‘अकादमी अवार्ड’ के चयन के लिये किया जाता है। फिल्म ‘पुनर्जन्‍म(रिबर्थ) की स्क्रीनिंग 08 अप्रैल से 14 अप्रैल 2019 के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका के एथेंस, ओहियो में होगी। लीला फिल्म्स एंड एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म के लेखक और निर्देशक अमर ज्योति झा है। सिनेमैटोग्राफर-रंजीत सिंह, प्रोडक्शन मैनेजर- संजय शाह, एडिटर –मनोज राउत, असिस्टेंट डायरेक्टर – विकास बच्चन है।
बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले निर्देशक अमर ज्योति झा की शॉर्ट फिल्म ‘पुनर्जन्‍म(रिबर्थ) मानव असंवेदनशीलता, झूठे आदर्शों और पाखंड को दर्शाती है। फिल्म में अमर ज्योति झा ने लेखन -निर्देशन के साथ ही अभिनय भी किया है। यह फिल्म इससे पूर्व जापान, कनाडा, चिली, लॉस एंजेलिस, पुणे, कोलकाता, इंग्लैंड, इटली, मुम्बई, स्पेन, बेंगलुरु, दिल्ली, तुर्की, मध्य प्रदेश, स्विट्जरलैंड एवं झारखंड के साथ देश और विदेश के विभिन्न इंटरनेशनल फिल्‍म फेस्टिवल समेत कई फिल्म समारोह में दिखायी जा चुकी है। अब तक इस फिल्म को देश और विदेश में सिनेमैटोग्राफी, अभिनय ,निर्देशन, एडिटिंग, प्रोडक्शन में 50 अवार्ड मिल चुके हैं।
अमर ज्योति झा स्टार प्लस, ज़ी टीवी, सावधान इंडिया, सहारा वन, लाइफ ओके के सीरियल्स के साथ -साथ कई विज्ञापन फिल्म, सामाजिक विषय पर शॉर्ट फिल्म्स, डॉक्यूमेंट्री और फिल्म्स में भी लेखन- निर्देशन और अभिनय कर चुके हैं और अवार्ड भी ले चुके हैं। उन्होंने मुंबई में काम करते हुए भी पटना ,बिहार में इस फिल्म का संपूर्ण निर्माण किया और अब इस फिल्म की अकैडमी अवॉर्ड फेस्टिवल में स्क्रीनिंग भी होने जा रही है। इससे सभी कला एवं सिनेमा प्रेमियों में उत्साह है और सब गौरवान्वित भी महसूस कर रहे हैं। फिल्म की शूटिंग पटना के अलावा बनारस में भी की गयी है।
अमर ज्योति झा अपनी फिल्म ‘पुनर्जन्‍म’ के फेस्टिवल में चयन किये जाने को लेकर बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि बिहार के लिये यह बेहद खुशी का पल होगा जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘पुनर्जन्‍म(रिबर्थ) दिखायी जायेगी। बिहार में प्रतिभाओं की कमी नही। उन्हें बड़े मंच देने की जरूरत है। मेरा मानना है कि फिल्म का निर्माण केवल मुंबई में ही नही किया जा सकता है। यदि अच्छी टीम हो और बेहतर संसाधन मुहैय्या कराया जाये तो बिहार में भी गुणवत्तापूर्ण फिल्मों का निर्माण किया जा सकता है।
अमर ज्योति झा ने फिल्‍म ‘पुनर्जन्‍म’ की चर्चा करते हुये बताया कि यह फिल्‍म मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली फिल्‍म है। फिल्म की कहानी का पात्र एक भूखा व्यक्ति है, जिसे अपने भोजन के लिए कई संघर्षो और पीड़ाओं से गुजरना पड़ता है। बूढ़े आदमी के अंतिम संस्कार में शामिल लोगों द्वारा फेंके जा रहे पैसौं को चुन कर, वह श्मशान तक पहुंच जाता है और वहां अपने भोजन की खोज में व्यस्त हो जाता है। अतिंम सस्‍ंकार के बाद गंगा नदी में फेंके जाने वाली बेकार चीजों को भी उसे खाने नहीं दिया जाता है। वहां से भी उसे कर भगा दिया जाता है। कठिन संघर्षों के बाद भोजन तो उसे मिलती है, लेकिन वह खाना इंसान के लिए नहीं होता है।
उन्‍होंने बताया कि गाय के मूत्र के साथ अपनी प्यास को खत्म करने और गाय के भूसे से भूख को खत्म करने की प्रक्रिया में लोग उसे एक महान संत, महात्मा या दिव्य व्यक्ति के रूप में समझने लगते हैं और भगवान की तरह उसकी पूजा करना शुरू कर देते हैं। लेकिन, भूखा व्यक्ति इन सभी चीजों से अवगत नहीं है। अभी भी वह अपने आप को असहाय और अकेला ही समझता है। लेकिन समाज के लोगों द्वारा उस भूखे व्यक्ति का पुनर्जन्म हो चुका है और उसे, अब भोजन, उसकी मृत्यु से पहले तक मिलता ही रहेगा।