बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय ने दी डॉक्‍टर सुनील कुमार दुबे को पीएचडी की मानद उपाधि

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बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय ने दी डॉक्‍टर सुनील कुमार दुबे को पीएचडी की मानद उपाधि

चर्चित बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय ने आज इंडिया हैबिटेक सेंटर, दिल्‍ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के चर्चित डॉक्‍टर सुनील कुमार दुबे को पीएचडी की मानद उपाधि प्रदान की। उन्‍हें यह उपाधि संदीप मारवाह के हाथों दी गई। डॉ दुबे ने आयुर्वेद चिकित्‍सा के क्षेत्र में कई अभूतपूर्व योगदान दिये हैं। दुनिया भर में इनके कामों की सराहना होती रह है। इसी क्रम में आज इन्‍हें बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय ने पीएमडी की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया है। यह बिहार और देश के लिए गर्व की बात है।

उपाधि मिलने के बाद डॉ सुनील कुमार दुबे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपाधि मेरे लिए बेहद महत्‍वपूर्ण है और मेरी लाइफ का गौरवपूर्ण लम्‍हा है। मैं आज भी आयुर्वेद चिकित्‍सा को बेहतर मानता हूं और इस पर काम करता हूं। यही वजह है कि मैं अपने मरीजों को आयुर्वेदिक इलाज से स्‍वस्‍थ करा पाता हूं। डॉ दुबे ने बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय का आभार प्रकट करते हुए कहा कि मैं आयुर्वेद के क्षेत्र में पिछले 18 से 20 वर्षों से रिसर्च कर रहा हूं। इसके कई सकारात्‍मक परिणाम भी आये। यही वज‍ह है कि आज मुझे बॉल्सब्रिज विश्वविद्यालय ने पीएचडी की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया है। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।

आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके विशेष योगदान के लिए उन्‍हें पहले भी दुबई में अंतरराष्ट्रीय सम्मान से स्‍ममानित किया गया था। उन्‍हें ये सम्‍मान संयुक्त अरब अमीरात के किंग के प्रतिनिधि मो. सूरी और यूक्रेन कीओर से दिया गया था। बता दें कि डॉ. दुबे ने राजधानी पटना में आयुर्वेद चिकित्‍सा के जरिये पूरी तरह से इलाज करने में सफल रहे हैं। वे इस क्षेत्र में रिसर्च भी कर रहे हैं। डॉ दुबे ने कहा कि आयुर्वेद विशुद्ध भारतीय चिकित्‍सा है, जिससे मैंने कई गंभीर समस्‍याओं को इलाज आयुर्वेद के जरिये किया है। भारतीय चिकित्‍सा पद्दति में आयुर्वेद चिकित्‍सा का महत्‍वपूर्ण योगदान रहा है। यह रोग को जड़ से खत्‍म कर देता है। मैं बतौर चिकित्‍सक कई सालों से आयुर्वेद चिकित्‍सा से इलाज करता आ रहा हूं, जहां सौ फीसदी रिजल्‍ट होता है।